a graph showing network marketing growth

भारत में नेटवर्क मार्केटिंग का भविष्य

नेटवर्क मार्केटिंग 21 वीं सदी का व्यवसाय है। भारत में नेटवर्क मार्केटिंग का भविष्य बहुत भरोसा देने वाला काम है। भारत में KPMG की एक रिपोर्ट और FICCI ने 2025 तक नेटवर्क मार्केटिंग को ₹645 billion तक की कम्पनी बताया है।

भारत में 1980 के दशक में नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत हुई थी। दो दशकों से भी कम समय में, डायरेक्ट सेल्लिंग उद्योग ने 5 मिलियन स्व-रोजगार के अवसर पैदा किए थे। भारत में नेटवर्क मार्केटिंग का दायरा हर साल बढ़ता जा रहा है। नेटवर्क मार्केटिंग की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका में हुई थी। MLM में शामिल लगभग 60% आबादी USA की है।

मेक इन इंडिया (Make In India) के शुभारंभ के दौरान, माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख किया :

अगर गरीबों को रोजगार मिलता है, तो परिवारों के द्ववारा खरीददारी से ऊत्पाद में बढ़ोतरी होती है।

हर साल भारत में 12 मिलियन कर्मचारियों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए भारत को इन सभी के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की आवश्यकता है। डायरेक्ट सेल्लिंग, न केवल आय के अवसर प्रदान करती है, बल्कि सेल(Sale)में कौशल, मैनेजमेंट(Management), व्यक्तित्व का विकास और वक्ता में कौशलता भी प्रदान करवाती है। इन कौशलता का उपयोग उद्योग के बाहर भी  किया जा सकता है।

स्किल इंडिया (Skill India) के शुभारंभ के दौरान श्री नरेंद्र मोदी ने कहा:

बेरोजगारी भारत की सबसे बड़ी चिंता है, डायरेक्ट सेल्लिंग इसका बचाव है।

a graph showing network marketing growth


भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्याप्त वृद्धि और योगदान के कई वर्षों के बावजूद, इस उद्योग को व्यापार को अच्छा नहीं माना जाता है। यह पोंजी(Ponzi) और मनी सर्कुलेशन(Money Circulation) योजनाओं के कारण है। ज्ञान की कमी के कारण लोग घोटालों में पड़ जाते हैं और उद्योग को दोष देने लगते हैं।

यह इस उद्योग के भविष्य में आगे बढ़ने में सबसे बड़ी बाधा थी। 9 सितंबर 2016 को, भारत सरकार ने भारत में MLM कंपनियों को कानूनी रूप से राजपत्रो के द्वारा कम्पनी को स्थापित किया।  उससे पहले, भारत में 3000+ कानूनी/ग़ैरक़ानूनी कंपनियां थीं। कानून बनने के बाद, नकली व ग़ैरक़ानूनी 90% कंपनियां बंद हो गईं।

भारत में पंजीकृत डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों की सूची

58% कार्यबल के साथ एमएलएम(MLM) व्यवसाय में महिलाओं का वर्चस्व है।

pie chart showing women and men share in network marketin

बहुत सारी नेटवर्क मार्केटिंग / एमएलएम कंपनियां हैं, तो जुड़ने(association) से पहले एक स्पष्टता की आवश्यकता है। नेटवर्क मार्केटिंग के लिए सर्वश्रेष्ठ कंपनी चुनें और भारत में शीर्ष 10 एमएलएम(MLM) कंपनियां आपको अपनी एमएलएम कंपनी का चयन करने में मदद कर सकती हैं।

सारांश


नेटवर्क मार्केटिंग उद्योग में, भारत में एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पैदा करने की क्षमता है।FICCI और केपीएमजी(KPMG) का अनुमान है कि नेटवर्क मार्केटिंग उद्योग में 2025 तक INR 645 बिलियन के आकार तक पहुंचने की क्षमता है, जो उपभोक्ता बाजार में वृद्धि और वैश्विक स्तर पर प्रत्यक्ष बिक्री (Direct Sales) की पहुंच से प्रेरित है।

नेटवर्क मार्केटिंग भारत के बड़े कार्यबल को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगा।

नेटवर्क मार्केटिंग में 58% महिला कर्मचारी शामिल हैं।


संदर्भ :

  1. KPMG और FICCI की रिपोर्ट – KPMG-and-FICCI-Report-2016
  2. भारत में पंजीकृत डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों की सूची
  3. बेरोजगारी भारत की सबसे बड़ी चिंता है, बचाव में नेटवर्क मार्केटिंग
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